रेलटेल कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया का शेयर आज 3.92% बढ़कर ₹426 पर पहुंच गया। इसकी वजह है कंपनी को मिला ₹264 करोड़ का नया ऑर्डर। ईस्ट सेंट्रल रेलवे ने रेलटेल को कावाच ट्रेन कोलिजन अवॉइडेंस सिस्टम लगाने का काम दिया है। यह सिस्टम 607 किलोमीटर के रेलवे ट्रैक पर इंस्टॉल किया जाएगा।

लेकिन पिछले एक साल में यह स्टॉक 27.3% गिर चुका है। क्या यह नया ऑर्डर स्टॉक को रिकवरी मोड में ले जाएगा? आइए विस्तार से समझते हैं।
क्या है कावाच सिस्टम?
कावाच एक स्वदेशी ट्रेन सेफ्टी सिस्टम है जो ट्रेनों की टक्कर रोकने में मदद करता है। यह ऑटोमैटिक ब्रेकिंग, स्पीड कंट्रोल और सिग्नल मैनेजमेंट करता है। इस ऑर्डर को जुलाई 2027 तक पूरा करना है।
महत्वपूर्ण जानकारी:
- ऑर्डर वैल्यू: ₹264.07 करोड़
- रूट कवरेज: 607 किलोमीटर
- अंतिम तिथि: 14 जुलाई 2027
यह ऑर्डर रेलटेल के मौजूदा ऑर्डर बुक को ₹7,018 करोड़ तक पहुंचा देगा।
रेलटेल का ऑर्डर बुक
रेलटेल को ज्यादातर काम सरकारी प्रोजेक्ट्स से मिलता है। देखिए कौन-कौन इन्हें ऑर्डर दे रहा है:
| क्लाइंट | ऑर्डर वैल्यू (₹ करोड़) | ऑर्डर बुक में हिस्सा |
|---|---|---|
| राज्य सरकारें | 2,076 | 29.59% |
| भारतीय रेलवे | 2,004 | 28.56% |
| सरकारी विभाग | 868 | 12.36% |
| सार्वजनिक उपक्रम (CPSE) | 905 | 12.89% |
| रेलवे PSUs | 566 | 8.07% |
| बैंक्स | 385 | 5.48% |
| प्राइवेट कंपनियां | 119 | 1.69% |
70% से ज्यादा बिजनेस सरकारी प्रोजेक्ट्स से आता है, इसलिए रेलटेल को स्थिर ग्राहक आधार हासिल है।
कैसा रहा कंपनी का फाइनेंशियल
रेलटेल ने Q4FY25 में मजबूत नतीजे पेश किए:
- रेवेन्यू: ₹1,308 करोड़ (सालाना 57% की बढ़त)
- नेट प्रॉफिट: ₹113 करोड़ (सालाना 45% की बढ़त)
- 3-साल की बिक्री वृद्धि (CAGR): 32%
- 3-साल का मुनाफा वृद्धि (CAGR): 23%
ROE (रिटर्न ऑन इक्विटी) भी 15% CAGR के साथ स्वस्थ है, जिसका मतलब है कि कंपनी निवेशकों के पैसे का कुशलता से इस्तेमाल कर रही है।
स्टॉक परफॉर्मेंस
- मौजूदा भाव: ₹426
- 52-सप्ताह का उच्च/निम्न: ₹588 / ₹318
- मार्केट कैप: ₹13,463 करोड़
पिछले साल स्टॉक में गिरावट देखी गई, लेकिन नए ऑर्डर और मजबूत नतीजों की वजह से अब इसमें सुधार की संभावना है।
अंतिम बात
- पॉजिटिव: मजबूत ऑर्डर बुक, सरकारी समर्थन, अच्छी रेवेन्यू ग्रोथ।
- रिस्क: ज्यादातर बिजनेस सरकारी प्रोजेक्ट्स पर निर्भर, अगर यहाँ मंदी आई तो असर पड़ सकता है।
नए ऑर्डर्स और प्रोजेक्ट एक्जीक्यूशन पर नजर रखें। अगर रेलटेल अपने कॉन्ट्रैक्ट्स को सही समय पर पूरा करता रहा, तो लॉन्ग टर्म में अच्छा रिटर्न दे सकता है।
Disclaimer: ऊपर दिए गए विचार और सिफारिशें व्यक्तिगत विश्लेषकों या ब्रोकिंग कंपनियों की हैं, न कि "Finance Ghar" की। हम निवेशकों को सलाह देते हैं कि किसी भी निवेश निर्णय लेने से पहले प्रमाणित विशेषज्ञों से परामर्श करें। निवेश में जोखिम होता है और सही जानकारी के बिना निर्णय लेना हानिकारक हो सकता है।
